Welcome to Ujala Hind   Click to listen highlighted text! Welcome to Ujala Hind
उत्तर प्रदेश

गोंडा कलेक्ट्रेट में आपदा से निपटने का मॉक ड्रिल आयोजन : आग, बाढ़ और भवन ढहने पर कैसे बचाएंगे जान

गोंडा कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को विशेष शहरी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया

गोंडा कलेक्ट्रेट में आपदा से निपटने का मॉक ड्रिल आयोजन : आग, बाढ़ और भवन ढहने पर कैसे बचाएंगे जान

 

गोंडा कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को विशेष शहरी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चली इस मॉक ड्रिल में अग्निकांड, शहरी बाढ़, भवन ढहने सहित अन्य आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

 

मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव दलों की कार्यक्षमता परखी गई। टीमों ने आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

 

फायर विभाग के अधिकारी नितेश शुक्ला ने आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों, आग पर नियंत्रण पाने की तकनीक और सुरक्षित निकासी के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान घबराने के बजाय सूझबूझ से काम करना और संबंधित विभागों को तत्काल सूचना देना बेहद जरूरी है।

 

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय, त्वरित निर्णय और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को भी परखा गया।

 

इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, जिला आपदा विशेषज्ञ, सिविल डिफेंस के अधिकारी, कलेक्ट्रेट कर्मचारी, विभिन्न विभागों की टीमें और आपदा मित्र मौजूद रहे।

 

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल तैयारियों की जांच करना नहीं, बल्कि अधिकारियों-कर्मचारियों और आम लोगों को आपदा के समय सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और सामूहिक प्रयास के महत्व के प्रति जागरूक करना भी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!