स्वतंत्रता सेनानी शिला स्तम्भों पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
बहराइच ब्यूरो 14 अगस्त अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिला इकाई बहराइच-श्रावस्ती के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे

स्वतंत्रता सेनानी शिला स्तम्भों पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
बहराइच ब्यूरो 14 अगस्त
अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिला इकाई बहराइच-श्रावस्ती के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे “अगस्त क्रांति पखवाड़ा” के अंतिम दिन शुक्रवार को विकासखंड तेजवापुर एवं महसी के खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थापित स्वतंत्रता सेनानी शिला स्तम्भों पर माल्यार्पण कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने किया। शिला स्तम्भ पर माल्यार्पण के उपरांत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन में सेनानियों के योगदान और उनके त्याग एवं बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया गया। विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महान सेनानियों की स्मृतियों को सुरक्षित रखना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तेजवापुर और महसी में स्थापित स्वतंत्रता सेनानी शिला स्तम्भ धूप, धूल और बारिश के कारण प्रभावित हो रहे हैं। इनके संरक्षण के लिए शिला स्तम्भों के ऊपर छतरी का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने दोनों विकासखंडों के खंड विकास अधिकारियों से अपील की कि स्वतंत्रता सेनानी शिला स्तम्भों को मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए अतिशीघ्र छतरी का निर्माण कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। कार्यक्रम में संगठन के विशेष कार्याधिकारी भानु प्रताप द्विवेदी एडवोकेट, परशुराम, तहसील पयागपुर प्रभारी बाबूलाल वर्मा, अरुण कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सेनानी उत्तराधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बताए मार्ग पर चलने तथा उनकी स्मृतियों और विरासत को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।




