एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी के नेतृत्व में बाल श्रम के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई, 9 बच्चे कराए गए मुक्त, 7 नियोक्ताओं पर विधिक कार्यवाही
नानपारा (बहराइच), 23 जुलाई। बाल श्रम के खिलाफ तहसील प्रशासन नानपारा ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नानपारा नगर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन छापेमारी अभियान चलाया।

एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी के नेतृत्व में बाल श्रम के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई, 9 बच्चे कराए गए मुक्त, 7 नियोक्ताओं पर विधिक कार्यवाही
अहमद हुसैन उप संपादक उजाला हिंद समाचार बहराइच
नानपारा (बहराइच), 23 जुलाई। बाल श्रम के खिलाफ तहसील प्रशासन नानपारा ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नानपारा नगर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन छापेमारी अभियान चलाया। जिलाधिकारी बहराइच के निर्देश पर उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी के नेतृत्व में चलाए गए संयुक्त अभियान में 9 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया, जबकि 7 प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित-2016) के तहत विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। संयुक्त टीम ने शिवपुर रोड, बाईपास चौराहा तथा नगर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में स्थित ऑटो सर्विस सेंटर, वेल्डिंग वर्क्स, प्रोविजन स्टोर, वस्त्रालय एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों से कार्य कराए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल श्रम से मुक्त कराया गया और संबंधित नियोक्ताओं को नोटिस जारी करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने कहा कि बच्चों के हाथों में औजार नहीं, किताबें होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी व्यवसाय में कार्य कराना पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा 14 से 18 वर्ष आयु के किशोरों से खतरनाक कार्य कराना भी कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी नियोक्ताओं के विरुद्ध जुर्माना एवं कारावास का प्रावधान है और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मजदूरी के बजाय विद्यालय भेजें और बाल श्रम मुक्त नानपारा एवं बाल श्रम मुक्त बहराइच के अभियान में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना है।
अभियान में राजस्व विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), ROS संस्थान तथा प्रथम संस्था के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।




